खरगे बोले- प्रधानमंत्री के वादे खोखले, वायनाड को सहायता देने का वादा भी पूरा नहीं किया
मोदी सरकार के कार्य सद्भाव के बजाय भय और विभाजन फैलाते हैं
प्रियंका बोलीं- उचित सुविधाएं मिलने पर वायनाड में पर्यटन और कृषि क्षेत्र के लिए अपार संभावनाएं
भाजपा की नकारात्मकता
नई दिल्ली, 07 नवंबर
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वादे खोखले हैं। प्रधानमंत्री ने वायनाड में आई आपदा के बाद दौरा कर सहायता का वादा किया था, लेकिन वे इसे पूरा करने में विफल रहे। केरल को दो हजार करोड़ की जगह केवल 291 करोड़ रूपये मिले। इस बीच, भाजपा शासित राज्यों को केंद्रीय सहायता का बड़ा हिस्सा मिला। यह भाजपा के गैर-जिम्मेदार शासन को दर्शाता है।
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे गुरुवार को कांग्रेस महासचिव और वायनाड संसदीय क्षेत्र से यूडीएफ उम्मीदवार प्रियंका गांधी के पक्ष में नीलाम्बुर विधानसभा क्षेत्र के चंदाकुन्नू में विशाल सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उनके साथ प्रियंका गांधी के अलावा कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और केरल की प्रभारी महासचिव दीपा दासमुंशी भी मौजूद रहीं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार के कार्य सद्भाव के बजाय भय और विभाजन फैलाते हैं। पिछले कुछ वर्षों में भाजपा-आरएसएस ने केरल में भी सांप्रदायिक और विभाजनकारी राजनीति शुरू की है। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी कई बार मणिपुर गए और लोगों के दुख-दर्द को साझा किया। उन्होंने संघर्षग्रस्त राज्य के लोगों की दुर्दशा की ओर देश का ध्यान आकर्षित करने के लिए मणिपुर से भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू की। वहां हिंसा शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने आज तक मणिपुर का दौरा नहीं किया है।
खरगे ने कहा कि भाजपा सरकार के तीसरे कार्यकाल में युवाओं में बेरोजगारी का संकट गहराता जा रहा है। आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। विभाजनकारी और नफरत की राजनीति का विषैला प्रसार हो रहा है। महिलाओं और अल्पसंख्यकों के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। यह सब ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मुखौटे के पीछे हो रहा है। मोदी सरकार आम लोगों के लिए नहीं, कुछ पूंजीपतियों के लिए काम करती है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने वायनाड की जनता से प्रियंका गांधी को भारी मतों से जिताने की अपील करते हुए कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हमेशा वायनाड की जनता के साथ खड़े रहेंगे। 2019 में वायनाड ने राहुल गांधी को एक शानदार जनादेश के साथ चुना और 2024 में दोबारा उन पर अपना भरोसा जताया। अब वायनाड की जनता प्रियंका गांधी को राहुल गांधी के काम को आगे बढ़ाने का मौका दे। प्रियंका गांधी ने देश भर में कठिनाई का सामना कर रहे लोगों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी है। न्याय, समानता और निष्पक्षता के प्रति उनका समर्पण उल्लेखनीय है। वायनाड को इस स्तर की प्रतिबद्धता वाले नेता की जरूरत है। वह वायनाड के लिए तब तक अथक संघर्ष करेंगी, जब तक उसे उसका उचित हिस्सा और न्याय नहीं मिल जाता। वह रोजगार सृजन करने, शिक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाने और वायनाड में वास्तविक बदलाव लाने के लिए काम करेंगी।
वहीं प्रियंका गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि यह उनके लिए एक नई यात्रा की शुरुआत है। उनके पास भाई राहुल गांधी मार्गदर्शक के रूप में हैं। वह वायनाड की जनता द्वारा दिए गए प्यार का कर्ज चुकाने का मौका चाहती हैं। उन्होंने कहा कि वह वायनाड में हिंदू, मुस्लिम, ईसाईयों को बहनों-भाइयों और दोस्तों की तरह एक साथ खड़ा देखती हैं। भाजपा की नकारात्मकता वायनाड को छू नहीं पाई है। उन्होंने वायनाड की बेजोड़ प्राकृतिक सुंदरता और यहां उगने वाली शानदार फसलों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यदि उचित सुविधाएं प्रदान की जाएं तो वायनाड में पर्यटन और कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।
प्रियंका गांधी ने कहा कि रबर किसान सरकार की ग़लत नीतियों के कारण कुचले जा रहे हैं, उचित मूल्य पाने और दूसरे देशों से रबर के अप्रतिबंधित आयात का मुकाबला करने के लिए संसाधनों के बिना संघर्ष कर रहे हैं। हाल ही में आई आपदा के बाद होमस्टे मालिक भी अपना गुजारा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मोदी सरकार की नीतियों के कारण मनरेगा मजदूरों को 346 रूपये की मजदूरी पर जीवनयापन करना मुश्किल हो रहा है। छोटे व्यवसायों के मालिक जीएसटी की जटिलता और बोझ से परेशान हैं।