सीएम केजरीवाल आधुनिक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी: कैलाश गहलोत
Asif khan
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सीएम अरविंद केजरीवाल की जगह बतौर उनके प्रतिनिधि दिल्ली के गृहमंत्री कैलाश गहलोत ने छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में झंडा फहराया। इस मौके पर कैलाश गहलोत ने परेड की सलामी ली और खुली जीप में परेड की विभिन्न टुकड़ियों का निरीक्षण किया। उन्होंने दिल्ली समेत पूरे देश को आजादी की बधाई देते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल आधुनिक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हैं। यह हम सभी के लिए चिंतन-मनन का विषय है कि क्या हमें 77 साल पहले इसीलिए आजादी मिली थी कि एक दिन एक चुने हुए मुख्यमंत्री को बिना कोई अपराध और सबूत के जेल में डाल दिया जाएगा? बिल्कुल नहीं। सीएम केजरीवाल को दिल्ली की जनता के लिए काम करने की सजा मिल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग की पावर केजरीवाल जी को दी, लेकिन कानून लाकर इसे छीन लिया गया। इसके बावजूद सीएम केजरीवाल ने दिल्लीवालों का कोई काम रुकने नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और बाबा साहब के संविधान की बदौलत आधुनिक शिक्षा क्रांति के जनक पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया जेल से आजाद हो चुके हैं। अब जल्द ही अरविंद केजरीवाल भी जेल से आजाद होंगे और अगले अनगिनत वर्षों तक झंडा फहराते रहेंगे। मैं सीएम केजरीवाल की तरफ से दिल्लीवालों को आश्वस्त करता हूं कि आपकी मुफ्त बिजली, पानी, शिक्षा, इलाज और महिलाओं की बस सेवा जारी रहेगी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री आतिशी, गोपाल राय, सौरभ भारद्वाज, इमरान हुसैन भी मौजूद रहे।
छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित भव्य स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए गृहमंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि आज मेरे लिए बहुत भावनात्मक दिन हैं। आज का दिन दो कारणों से मेरी भावनाओं से जुड़ा है। हमारे देश के न जाने कितने वीर सपूतों ने अपनी जान की बाजी लगाकर देश को आजादी दिलाई। लेकिन मेरा दिल यह सोच कर व्यथित है कि 77 साल बाद भी लोकतांत्रिक रुप से चुने हुए सीएम अरविंद केजरीवाल सलाखों के पीछे हैं और आज उनकी जगह मुझे उपस्थित होना पड़ रहा है। मैं आज इस तिरंगे के नीचे खड़े होकर बड़े गर्व के साथ कह सकता हूं कि अरविंद केजरीवाल आधुनिक स्वतंत्रता सेनानी हैं। अरविंद जी ने दिल्ली की जनता के काम करने की सजा जेल जाकर काटना स्वीकार किया, लेकिन लोकतंत्र के खिलाफ खड़ी बुरी ताकतों के आगे झुकना और टूटना उन्होंने स्वीकार नहीं किया। आज हर भारतीय के लिए यह चिंतन-मनन का विषय है कि क्या इसीलिए हमें आजादी मिली थी कि एक दिन एक चुने हुए मुख्यमंत्री को बिना कोई अपराध के, बिना कोई सबूत के और बिना कोई मुकदमा चलाए जेल में डाल दिया जाएगा। बिल्कुल नहीं, हमें आजादी इसलिए मिली थी कि हम देश को अशिक्षा, गरीबी, बेरोजगारी और बीमारी से मुक्ति दिला सकें। अरविंद केजरीवाल ने देश की जनता को इसी से मुक्ति दिलाने की पहल दिल्ली से शुरू की है। केजरीवाल ने दिल्ली में अपनी जनता के लिए मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी, शानदार शिक्षा, इलाज और परिवहन की व्यवस्था करके अशिक्षा, गरीबी, बेरोजगारी और बीमारी पर कड़ी चोट की है।
कैलाश गहलोत ने कहा कि बुरी ताकतें अरविंद केजरीवाल के इस साहसिक प्रयास को रोकने की लगातार साजिश कर रही हैं और संवैधानिक मूल्यों को नुकसान पहुंचा रही है। लेकिन भारत का लोकतंत्र और संविधान इतना मजबूत है कि कोई भी ताकत इसके मूल्यों को कमजोर नहीं कर सकती। इसका ताजा उदाहरण हमारे सामने हैं। इसी लोकतंत्र और बाबा साहब के संविधान की बदौलत आधुनिक शिक्षा क्रांति के जनक मनीष सिसोदिया स्वतंत्रता दिवस से कुछ दिन पहले आजाद हुए हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि आपके, हम सबके प्रिय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी जल्द बाहर आएंगे और अगले अनगिनत वर्षों तक स्वतंत्रता दिवस का झंडा फहराएंगे। उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि सारी सरकारें एक जैसी होती हैं। लेकिन केजरीवाल सरकार ने इससे बिल्कुल अलग एक साफ-सुथरी, अच्छे पढे-लिखे लोगों की ऐसी टीम बनाई जो किसी भी समस्या के तह तक जाकर उसका समाधान निकाल सके। केजरीवाल सरकार ने आज साबित कर दिया है कि अगर नियत साफ़ हो और सरकार ईमानदार हो तो सब कुछ हो सकता है।
साफ नीयत और ईमानदार सरकार की वजह से दिल्ली में 24 घंटे मुफ्त बिजली देना संभव हो पाया- कैलाश गहलोत
कैलाश गहलोत ने कहा कि हमारे देश के कई हिस्सों में कई-कई घंटे बिजली नहीं आती है, लेकिन दिल्ली में 24 घंटे और मुफ्त बिजली आती है। दिल्ली में 24 घंटे बिजली देना इसलिए संभव हो पाया, क्योंकि हमारी सरकार की नियत साफ़ है और सरकार ईमानदार है। सीएम केजरीवाल ने दिल्ली में सबको 200 यूनिट तक बिजली माफ और 400 यूनिट तक बिजली के बिल हाफ की है। यह दिल्ली में ही नहीं, पूरे देश को 200 यूनिट बिजली मुफ्त दे सकते हैं। इस पर केवल 1 लाख 50 हजार करोड रुपए का खर्चा आएगा। हम यह सोच रहे होंगे कि यह पैसा कहां से आएगा। हम अक्सर अखबारों में पढते हैं कि कुछ बड़े-बडे अरबपतियों के 1 लाख 50 हजार करोड रुपए के बैंकों के कर्जे माफ कर दिए गए। देश की जनता यह तय करें कि क्या 140 करोड़ लोगों के 200 यूनिट बिजली के बिल माफ होने चाहिए या चंद अरबपति लोगों के 1 लाख 50 हजार करोड रुपए के बैंकों के कर्जे माफ होने चाहिए।
थे। पहले 12वीं का रिजल्ट 92 प्रतिशत था, जो देश में एक रिकॉर्ड था, अब वह बढकर 97 प्रतिशत हो गया है। 10वीं का रिजल्ट 86 प्रतिशत से बढकर 94 प्रतिशत से ज्यादा हो गया है। हमारे स्कूलों में पढ़ने वाले 1414 बच्चे नीट में गए और 743 बच्चे जेईई मेन्स में गए। हमारी सरकार ने 42 स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस स्कूल दो साल में बनाए थे, पिछले एक साल में 14 स्कूल उसमें और जोडे गए। अरविंद के चमत्कारिक नेतृत्व और देश भर में लोकप्रिय दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के दूरदर्शी मार्ग दर्शन का ही परिणाम है कि आज दिल्ली के सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूलों को पीछे छोड़ चुके हैं। आज चार लाख से ज्यादा बच्चे प्राइवेट स्कूल छोड़कर कर दिल्ली के सरकारी स्कूल में आ गए है। मुझे पूरा यकीन है कि बाबासाहेब आंबेडकर को इस बात पर गर्व होगा के 70 सालो के बाद ही सही, देश में एक ऐसी सरकार आई जो गरीबो के बच्चों को विश्व स्तरीय शिक्षा देना का काम कर रही है।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को किया गया सम्मानित
गृह मंत्री कैलाश गहलोत ने योग्य और उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को उनके अद्वितीय योगदान के लिए सम्मानित किया। सबसे पहले, दिल्ली कारागार में कैदियों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने और सुधार कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट (सेवानिवृत्त) उर्मिला भंडारी को राष्ट्रपति के सुधारात्मक पदक से सम्मानित किया गया। इसी प्रकार, जेल में विभिन्न नवाचारों की शुरुआत करने के लिए असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट इंद्रजीत सिंह और अपनी बेहतरीन सेवाओं के लिए हेड वार्डर सुनील कुमार को भी राष्ट्रपति के सुधारात्मक पदक से सम्मानित किया गया।